×
الأعرافआयत 201

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوْا۟ إِذَا مَسَّهُمْ طَـٰٓئِفٌ مِّنَ ٱلشَّيْطَـٰنِ تَذَكَّرُوا۟ فَإِذَا هُم مُّبْصِرُونَ ﴿٢٠١﴾

वास्तव में, जो लोग अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से दूर रहकर, डरते हैं, जब वे शैतान की ओर से किसी बुरे ख़याल से पीड़ित होकर गुनाह कर बैठते हैं; तो वे अल्लाह की महानता, अवज्ञाकारियों के लिए उसकी सज़ा और आज्ञाकारियों के लिए उसके प्रतिफल को याद करते हैं। इसलिए वे अपने गुनाहों से तौबा करके अपने पालनहार की ओर लौट जाते हैं। फिर क्या देखते हैं कि वे सत्य मार्ग पर जम गए, ग़फ़लत से जाग गए और गुनाह से बाज़ आ गए।