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المعارجआयत 32

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَٱلَّذِينَ هُمْ لِأَمَـٰنَـٰتِهِمْ وَعَهْدِهِمْ رَٰعُونَ ﴿٣٢﴾

और जो लोग अपने पास अमानत रखे हुए धनों और भेदों आदि की तथा लोगों से की हुई अपनी प्रतिज्ञाओं की रक्षा करने वाले हैं। न तो उनकी अमानतों में ख़यानत करते हैं और न उनकी प्रतिज्ञाओं को तोड़ते हैं।