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المعارجआयत 42

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَذَرْهُمْ يَخُوضُوا۟ وَيَلْعَبُوا۟ حَتَّىٰ يُلَـٰقُوا۟ يَوْمَهُمُ ٱلَّذِى يُوعَدُونَ ﴿٤٢﴾

अतः (ऐ रसूल) आप उन्हें छोड़ दें कि वे अपने झूठ और गुमराही में पड़े रहें तथा अपने सांसारिक जीवन में खेलते रहें, यहाँ तक कि वे क़ियामत के दिन से जा मिलें, जिसका उनसे क़ुरआन में वादा किया जाता था।