तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالَ رَبِّ إِنِّى دَعَوْتُ قَوْمِى لَيْلًا وَنَهَارًا ﴿٥﴾
नूह (अलैहिस्सलाम) ने कहा : ऐ मेरे रब! मैं अपनी जाति के लोगों को तेरी इबादत और एकेश्वरवाद की ओर रात और दिन लगातार बुलाता रहा।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالَ رَبِّ إِنِّى دَعَوْتُ قَوْمِى لَيْلًا وَنَهَارًا ﴿٥﴾