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المدثرआयत 25

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنْ هَـٰذَآ إِلَّا قَوْلُ ٱلْبَشَرِ ﴿٢٥﴾

यह अल्लाह की वाणी नहीं, बल्कि वह इनसान की वाणी है।