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المدثرआयत 28

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

لَا تُبْقِى وَلَا تَذَرُ ﴿٢٨﴾

उसमें डाली जाने वाली किसी चीज़ को वह शेष नहीं रखेगी, बल्कि उसका काम तमाम कर देगी और उसे छोड़े गी नहीं। फिर वह अपनी पहली स्थिति में लौट आएगी, तो वह फिर उसका काम तमाम कर देगी। इसी तरह यह सिलसिला चलता रहेगा।