तफ़सीर अल-मुख़्तसर
كُلُّ نَفْسٍۭ بِمَا كَسَبَتْ رَهِينَةٌ ﴿٣٨﴾
हर प्राणी की उसके किए हुए कर्मों पर पकड़ होगी। चुनाँचे या तो उसके कर्म उसका विनाश कर देंगे, और या तो उसे विनाश से बचा लेंगे।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
كُلُّ نَفْسٍۭ بِمَا كَسَبَتْ رَهِينَةٌ ﴿٣٨﴾