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القيامةआयत 3

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَيَحْسَبُ ٱلْإِنسَـٰنُ أَلَّن نَّجْمَعَ عِظَامَهُۥ ﴿٣﴾

क्या इनसान यह सोचता है कि पुनर्जीवित करने के लिए उसकी मृत्यु के बाद हम उसकी हड्डियों को इकट्ठा नहीं करेंगे?!