तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَدَانِيَةً عَلَيْهِمْ ظِلَـٰلُهَا وَذُلِّلَتْ قُطُوفُهَا تَذْلِيلًا ﴿١٤﴾
उसके साए उनके क़रीब होंगे और उसके फल खाने वाले के वश में कर दिए जाएँगे। चुनाँचे वह बड़ी आसानी से उन्हें ले सकेगा, वह लेटे, बैठे और खड़े जिस तरह चाहेगा, उन्हें तोड़ सकेगा।