तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَٱصْبِرْ لِحُكْمِ رَبِّكَ وَلَا تُطِعْ مِنْهُمْ ءَاثِمًا أَوْ كَفُورًا ﴿٢٤﴾
अतः अल्लाह जो कुछ निर्णय करता या धार्मिक आदेश देता है, आप उसके लिए धैर्य रखें, तथा किसी पापी का उस पाप में पालन न करें जिसके लिए वह कहता है, और न किसी काफ़िर का उस कुफ़्र में अनुसरण करें जिसके लिए वह आह्वान करता है।