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المرسلاتआयत 35

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

هَـٰذَا يَوْمُ لَا يَنطِقُونَ ﴿٣٥﴾

यह ऐसा दिन है, जिसमें वे कुछ नहीं बोलेंगे।