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المرسلات
आयत 37
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ ﴿٣٧﴾
उस दिन, उन लोगों के लिए विनाश, यातना और क्षति है, जो इस दिन की खबरों को झुठलाने वाले हैं।
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