×
النبأआयत 18

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يَوْمَ يُنفَخُ فِى ٱلصُّورِ فَتَأْتُونَ أَفْوَاجًا ﴿١٨﴾

जिस दिन फ़रिश्ता सूर में दूसरी बार फूँक मारेगा, तो (ऐ लोगो) तुम गिरोह के गिरोह चले आओगे।