तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ٱلَّذِينَ يُقِيمُونَ ٱلصَّلَوٰةَ وَمِمَّا رَزَقْنَـٰهُمْ يُنفِقُونَ ﴿٣﴾
जो लोग समय पर पूर्ण रूप से नमाज़ अदा करते हैं और हमारे दिए हुए धन से उन जगहों में खर्च करते हैं, जहाँ खर्च करना वाजिब या मुस्तहब है।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ٱلَّذِينَ يُقِيمُونَ ٱلصَّلَوٰةَ وَمِمَّا رَزَقْنَـٰهُمْ يُنفِقُونَ ﴿٣﴾