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الأنفالआयत 39

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَقَـٰتِلُوهُمْ حَتَّىٰ لَا تَكُونَ فِتْنَةٌ وَيَكُونَ ٱلدِّينُ كُلُّهُۥ لِلَّهِ ۚ فَإِنِ ٱنتَهَوْا۟ فَإِنَّ ٱللَّهَ بِمَا يَعْمَلُونَ بَصِيرٌ ﴿٣٩﴾

और (ऐ मोमिनो!) अपने काफिर दुश्मनों से युद्ध करो, यहाँ तक कि न शिर्क रहे और न ही मुसलमानों को अल्लाह के धर्म से रोकना, तथा धर्म और आज्ञाकारिता एकमात्र अल्लाह के लिए रह जाए, जिसमें उसका कोई साझी न हो। फिर यदि काफ़िर अपने शिर्क और अल्लाह के मार्ग से रोकने से बाज़ आ जाएँ, तो उन्हें छोड़ दो। क्योंकि अल्लाह उनके कर्मों को जानता है, उससे कोई बात छिपी नहीं है।