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الانفطار
आयत 1
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنفَطَرَتْ ﴿١﴾
जब आकाश फट जाएगा, ताकि उससे फ़रिश्ते उतर सकें।
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