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الانفطارआयत 5

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

عَلِمَتْ نَفْسٌ مَّا قَدَّمَتْ وَأَخَّرَتْ ﴿٥﴾

उस समय हर प्राणी जान लेगा, जो काम उसने किया है और जो काम उसने विलंबित कर दिया और उसे नहीं किया।