तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَتَرْكَبُنَّ طَبَقًا عَن طَبَقٍ ﴿١٩﴾
(ऐ लोगो!) तुम निश्चित रूप से एक अवस्था से दूसरी अवस्था में स्थानांतरित होते रहोगे; एक नुत्फ़ा से जमा हुआ रक्त, फिर गोश्त का टुकड़ा, फिर जीवन, फिर मृत्यु और फिर मरणोपरांत पुनर्जीवन।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَتَرْكَبُنَّ طَبَقًا عَن طَبَقٍ ﴿١٩﴾