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البروج
आयत 15
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ذُو ٱلْعَرْشِ ٱلْمَجِيدُ ﴿١٥﴾
वह महिमाशाली अर्श (सिंहासन) का स्वामी है।
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