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البروج
आयत 21
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
بَلْ هُوَ قُرْءَانٌ مَّجِيدٌ ﴿٢١﴾
क़ुरआन कोई काव्य या तुकबंदी नहीं है, जैसा कि झुठलाने वालों का दावा है, बल्कि वह गौरव वाला क़ुरआन हा।
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