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الطارق
आयत 1
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلسَّمَآءِ وَٱلطَّارِقِ ﴿١﴾
अल्लाह ने आसमान की तथा उस तारे की क़सम खाई है, जो रात में निकलता है।
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