×
الغاشية
आयत 18
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِلَى ٱلسَّمَآءِ كَيْفَ رُفِعَتْ ﴿١٨﴾
और आसमान को नहीं देखते कि उसे कैसे ऊँचा किया यहाँ तक कि वह उनके ऊपर एक सुरक्षित छत बन गया, जो उनपर गिरता नहीं है?!
पिछली आयत
अगली आयत