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الفجرआयत 23

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَجِا۟ىٓءَ يَوْمَئِذٍۭ بِجَهَنَّمَ ۚ يَوْمَئِذٍ يَتَذَكَّرُ ٱلْإِنسَـٰنُ وَأَنَّىٰ لَهُ ٱلذِّكْرَىٰ ﴿٢٣﴾

उस दिन जहन्नम को इस तरह लाया जाएगा कि उसकी सत्तर हज़ार लगामें होंगी। हर लगाम के साथ सत्तर हज़ार फ़रिश्ते होंगे जो उसे खींच रहे होंगे। उस दिन इनसान याद करेगा कि उसने अल्लाह के पक्ष में क्या-क्या कोताही की है। लेकिन उस दिन याद करना उसे कहाँ से लाभ देगा; क्योंकि वह प्रतिदान दिवस है, कार्य दिवस नहीं?!