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الفجرआयत 26

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَا يُوثِقُ وَثَاقَهُۥٓ أَحَدٌ ﴿٢٦﴾

और न उसके काफ़िरों को ज़ंजीरों में बाँधने की तरह कोई बाँधेगा।