तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَـٰتِلُوا۟ ٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِٱللَّهِ وَلَا بِٱلْيَوْمِ ٱلْـَٔاخِرِ وَلَا يُحَرِّمُونَ مَا حَرَّمَ ٱللَّهُ وَرَسُولُهُۥ وَلَا يَدِينُونَ دِينَ ٱلْحَقِّ مِنَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْكِتَـٰبَ حَتَّىٰ يُعْطُوا۟ ٱلْجِزْيَةَ عَن يَدٍ وَهُمْ صَـٰغِرُونَ ﴿٢٩﴾
ऐ ईमान वालो!! उन यहूदी एवं ईसाई काफ़िरों से युद्ध करो, जो अल्लाह को एकमात्र पूज्य नहीं मानते जिसका कोई साझी नहीं, तथा क़ियामत के दिन पर विश्वास नहीं रखते, अल्लाह और उसके रसूल ने जो मृत मांस, सूअर का मांस, शराब और सूद इत्यादि उनपर हराम क़रार दिए हैं, उनसे नहीं बचते हैं, और अल्लाह की शरीयत का पालन नहीं करते हैं, यहाँ तक कि वे अपमानित होकर अपने हाथों से जिज़्या अदा करें।