तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّمَا يَسْتَـْٔذِنُكَ ٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِٱللَّهِ وَٱلْيَوْمِ ٱلْـَٔاخِرِ وَٱرْتَابَتْ قُلُوبُهُمْ فَهُمْ فِى رَيْبِهِمْ يَتَرَدَّدُونَ ﴿٤٥﴾
(ऐ रसूल!) जो लोग आपसे अल्लाह की राह में जिहाद से पीछे रहने की अनुमति माँग रहे हैं, वे मुनाफ़िक़ लोग हैं, जो न अल्लाह पर ईमान रखते हैं और न क़ियामत के दिन पर ईमान रखते हैं, तथा उनके दिलों में अल्लाह के धर्म के बारे में शक है। अतः वे अपने संदेह में भ्रमित भटक रहे हैं, सत्य का मार्ग नहीं पाते हैं।