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البلدआयत 5

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَيَحْسَبُ أَن لَّن يَقْدِرَ عَلَيْهِ أَحَدٌ ﴿٥﴾

क्या इनसान यह समझता है कि यदि वह पाप करता है, तो कोई भी उसकी पकड़ करने में सक्षम नहीं होगा और न ही उससे बदला लेगा, भले ही वह उसका पालनहार ही हो जिसने उसे बनाया है?!