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الشمس
आयत 15
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَا يَخَافُ عُقْبَـٰهَا ﴿١٥﴾
अल्लाह ने उन्हें उस यातना से पीड़ित किया, जिसने उन्हें नष्ट कर दिया, जबकि उस महिमावान को उसके परिणामों से कोई डर नहीं।
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