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الليلआयत 20

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِلَّا ٱبْتِغَآءَ وَجْهِ رَبِّهِ ٱلْأَعْلَىٰ ﴿٢٠﴾

वह जो माल ख़र्च करता है, उससे वह केवल अपने रब का चेहरा चाहता है, जो अपनी मखलूक़ पर सर्वोच्च है।