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الفاتحةआयत 4

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

مَـٰلِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ ﴿٤﴾

यहाँ अल्लाह की महत्ता का वर्णन किया गया है कि वह क़ियामत के दिन की हर चीज़ का मालिक है, जिस दिन कोई किसी के लिए कुछ भी न कर सकेगा। 'यौमुद्दीन' से अभिप्राय : बदले और ह़िसाब का दिन है।