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الفاتحةआयत 5

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ ﴿٥﴾

हम हर प्रकार की इबादत और आज्ञापालन केवल तेरे लिए करते हैं। अतः हम तेरे साथ किसी को साझी नहीं बनाते तथा हम अपने सभी मामलों में केवल तुझसे ही मदद माँगते हैं। क्योंकि तेरे ही हाथ में सारी भलाइयाँ हैं और तेरे सिवा कोई मददगार नहीं।