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يونسआयत 106

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَا تَدْعُ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَنفَعُكَ وَلَا يَضُرُّكَ ۖ فَإِن فَعَلْتَ فَإِنَّكَ إِذًا مِّنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ ﴿١٠٦﴾

(ऐ रसूल!) आप अल्लाह के सिवा उन मूर्तियों और प्रतिमाओं इत्यादि को न पुकारें, जो न किसी लाभ के मालिक हैं कि आपको लाभ पहुँचा सकें और न किसी हानि के मालिक हैं कि आपको हानि पहुँचा सकें। क्योंकि यदि आपने उनकी पूजा की, तो फिर आप अल्लाह के अधिकार और स्वयं के अधिकार पर अतिक्रमण करने वाले अत्याचारियों में से हो जाएँगे।