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الكوثرआयत 3

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ ﴿٣﴾

निःसंदेह आपसे द्वेष रखने वाला ही हर भलाई से वंचित और भुलाया हुआ है, जिसे यदि याद किया जाता है, तो बुराई के साथ याद किया जाता है।