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الفلقआयत 5

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿٥﴾

और मैं ईर्ष्या करने वाले की बुराई से अल्लाह की शरण लेता हूँ, जब वह ईर्ष्या की भावना से ग्रसित होकर कोई काम करे।