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الناسआयत 1

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلنَّاسِ ﴿١﴾

(ऐ रसूल) आप कह दें कि मैं लोगों के पानलहारी की पनाह लेता हूँ और उसकी शरण में आता हूँ।