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يوسفआयत 8

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِذْ قَالُوا۟ لَيُوسُفُ وَأَخُوهُ أَحَبُّ إِلَىٰٓ أَبِينَا مِنَّا وَنَحْنُ عُصْبَةٌ إِنَّ أَبَانَا لَفِى ضَلَـٰلٍ مُّبِينٍ ﴿٨﴾

जब उनके भाइयों ने आपस में कहा : यूसुफ़ और उसका सगा भाई हमारे पिता के निकट हमसे अधिक प्रिय हैं। हालाँकि हम एक अच्छी संख्या वाले गिरोह हैं, तो आख़िर कैसे हमारे पिता ने उन दोनों को हमपर श्रेष्ठता दे रखी है? हम समझते हैं कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उन दोनों को हमपर श्रेष्ठता देकर वे स्पष्ट भूल कर रहे हैं।