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يوسفआयत 9

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ٱقْتُلُوا۟ يُوسُفَ أَوِ ٱطْرَحُوهُ أَرْضًا يَخْلُ لَكُمْ وَجْهُ أَبِيكُمْ وَتَكُونُوا۟ مِنۢ بَعْدِهِۦ قَوْمًا صَـٰلِحِينَ ﴿٩﴾

यूसुफ़ की हत्या कर दो अथवा दूर किसी धरती में फ़ेंक आओ, तुम्हारे पिता का ध्यान पूर्ण रूप से तुम्हारी ओर हो जाएगा और वह तुमसे पूरी तरह से प्यार करने लगेंगे। फिर उसकी हत्या करने अथवा उसे ग़ायब करने के बाद, अपने गुनाहों से तौबा करके, तुम अच्छे लोग बन जाओ।