तफ़सीर अल-मुख़्तसर
أَوَلَمْ يَرَوْا۟ أَنَّ ٱللَّهَ ٱلَّذِى خَلَقَ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ قَادِرٌ عَلَىٰٓ أَن يَخْلُقَ مِثْلَهُمْ وَجَعَلَ لَهُمْ أَجَلًا لَّا رَيْبَ فِيهِ فَأَبَى ٱلظَّـٰلِمُونَ إِلَّا كُفُورًا ﴿٩٩﴾
क्या (मरणोपरांत) दोबारा जीवित किए जाने का इनकार करने वाले इन लोगों को इतना नहीं पता कि जिस अल्लाह ने इतने विशाल आकाशों और विस्तृत धरती को पैदा किया, वह उनकी तरह पैदा करने में (भी) सक्षम हैं? क्योंकि जो महान चीज़ों को पैदा करने में सक्षम है, वह उनसे छोटी चीज़ें भी पैदा कर सकता है। तथा अल्लाह ने दुनिया में उनके लिए एक विशिष्ट समय निर्धारित कर दिया है, जिसमें उनके जीवन का अंत हो जाएगा। और उसने उनके लिए उनके पुनः जीवित होने की भी एक समय सीमा बना दी है, जिसमें कोई संदेह नहीं है। तथा मरणोपरांत पुनर्जीवन के प्रमाणों की स्पष्टता के बावजूद, मुश्रिकों ने मरने के बाद दोबारा जीवित किए जाने का इनकार ही किया।