तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قُلْ أَتُحَآجُّونَنَا فِى ٱللَّهِ وَهُوَ رَبُّنَا وَرَبُّكُمْ وَلَنَآ أَعْمَـٰلُنَا وَلَكُمْ أَعْمَـٰلُكُمْ وَنَحْنُ لَهُۥ مُخْلِصُونَ ﴿١٣٩﴾
ऐ नबी! कह दीजिए : (ऐ किताब वालो!) क्या तुम हमसे इस बारे में बहस करते हो कि तुम अल्लाह और उसके धर्म के हमसे ज़्यादा हक़दार हो; इस कारण कि तुम्हारा धर्म पुराना है और तुम्हारी पुस्तक पहले की है। तो (जान लो) इससे तुम्हें कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि अल्लाह ही हम सब का रब है, वह विशेष रूप से केवल तुम्हारा ही रब नहीं है। तथा हमारे लिए हमारे कर्म हैं, जिनके बारे में तुमसे नहीं पूछा जाएगा, और तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्म हैं, जिनके बारे में हमसे नहीं पूछा जाएगा। बल्कि प्रत्येक को उसके काम का बदला दिया जाएगा। हम इबादत और आज्ञाकारिता में अल्लाह के प्रति निष्ठावान हैं, उसके साथ किसी चीज़ को साझी नहीं ठहराते।