तफ़सीर अल-मुख़्तसर
نِسَآؤُكُمْ حَرْثٌ لَّكُمْ فَأْتُوا۟ حَرْثَكُمْ أَنَّىٰ شِئْتُمْ ۖ وَقَدِّمُوا۟ لِأَنفُسِكُمْ ۚ وَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَٱعْلَمُوٓا۟ أَنَّكُم مُّلَـٰقُوهُ ۗ وَبَشِّرِ ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿٢٢٣﴾
तुम्हारी पत्नियाँ तुम्हारे लिए रोपण स्थान हैं, वे तुम्हारे लिए बच्चे जनती हैं; वैसे ही जैसे भूमि फल देती है। इसलिए रोपने के स्थान पर - जो कि योनि है - जिस दिशा से भी चाहो और जिस तरह भी चाहो आओ, बशर्ते कि वह योनि में हो। तथा अपने लिए अच्छे कार्य आगे भेजो, जिसमें यह भी शामिल है कि आदमी अपनी पत्नी के साथ अल्लाह की निकटता प्राप्त करने और नेक संतान की उम्मीद में संभोग करे। तथा अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, उससे डरो। जिसमें वह भी शामिल है जो उसने महिलाओं के बारे में तुम्हारे लिए निर्धारित किया है। और जान लो कि तुम क़ियामत के दिन उससे मिलने वाले हो, उसके सामने खड़े होने वाले हो और वह तुम्हें तुम्हारे कार्यों का बदला देने वाला है। और - ऐ नबी! - मोमिनों को शुभ समाचार सुना दीजिए कि उन्हें अपने पालनहार से मुलाक़ात के समय हमेशा बाक़ी रहने वाली नेमतें मिलेंगी और अल्लाह के सम्मानित चेहरे को देखने का सौभाग्य प्राप्त होगा।