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الأنبياءआयत 103

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

لَا يَحْزُنُهُمُ ٱلْفَزَعُ ٱلْأَكْبَرُ وَتَتَلَقَّىٰهُمُ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ هَـٰذَا يَوْمُكُمُ ٱلَّذِى كُنتُمْ تُوعَدُونَ ﴿١٠٣﴾

उस दिन बड़ी घबराहट उनको भयभीत नहीं करेगी, जब जहन्नम को जहन्नम वासियों समेत बंद कर दिया जाएगा और फ़रिश्ते उनका यह कहकर स्वागत करेंगे : यह है तुम्हारा वह दिन जिसका तुम दुनिया में वादा दिए जाते थे और उसमें मिलने वाली नेमतों की तुम्हें खुशख़बरी दी जाती थी।