तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَا كَانَ رَبُّكَ مُهْلِكَ ٱلْقُرَىٰ حَتَّىٰ يَبْعَثَ فِىٓ أُمِّهَا رَسُولًا يَتْلُوا۟ عَلَيْهِمْ ءَايَـٰتِنَا ۚ وَمَا كُنَّا مُهْلِكِى ٱلْقُرَىٰٓ إِلَّا وَأَهْلُهَا ظَـٰلِمُونَ ﴿٥٩﴾
और (ऐ रसूल!) आपका रब बस्तियों को विनाश नहीं करता, जब तक कि उनमें से प्रमुख बस्ती में एक रसूल भेजकर उसके वासियों के बहाने को समाप्त न कर दे, जिस तरह कि उसने आपको उम्मुल-कु़रा अर्थात् मक्का में भेजा। तथा हम कभी बस्तियों के लोगों को नष्ट नहीं करते जबकि वे सत्य पर क़ायम रहने वाले हों। लेकिन यदि वे कुफ़्र और पाप करके अत्याचार करने वाले हो जाते हैं, तो हम उन्हें नष्ट कर देते हैं।