तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَٱنقَلَبُوا۟ بِنِعْمَةٍ مِّنَ ٱللَّهِ وَفَضْلٍ لَّمْ يَمْسَسْهُمْ سُوٓءٌ وَٱتَّبَعُوا۟ رِضْوَٰنَ ٱللَّهِ ۗ وَٱللَّهُ ذُو فَضْلٍ عَظِيمٍ ﴿١٧٤﴾
फिर वे “हमराउल असद” की ओर निकलने के बाद अल्लाह की ओर से महान प्रतिफल, अपने पदों में वृद्धि और अपने शत्रुओं से सुरक्षा के साथ लौटे, चुनांचे वे न मारे गए और न ही घायल हुए। तथा उन्होंने ऐसी बातों का अनुसरण किया, जिनसे अल्लाह प्रसन्न होता है, जैसे उसकी आज्ञाकारिता पर प्रतिबद्ध रहना और उसकी अवज्ञा से दूर रहना। और अल्लाह अपने मोमिन बंदों पर बड़े अनुग्रह वाला है।