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الرومआयत 17

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَسُبْحَـٰنَ ٱللَّهِ حِينَ تُمْسُونَ وَحِينَ تُصْبِحُونَ ﴿١٧﴾

अतः तुम संध्या के समय में प्रवेश करने पर अल्लाह की पवित्रता बयान करो; जो कि मग़रिब और इशा की नमाज़ का समय है, तथा सुबह के समय में प्रवेश करने पर उसकी पवित्रता बयान करो; जो कि फ़ज्र की नमाज़ का समय है।