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الرومआयत 18

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَهُ ٱلْحَمْدُ فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَعَشِيًّا وَحِينَ تُظْهِرُونَ ﴿١٨﴾

केवल उसी महिमावान के लिए सब प्रशंसा है; आकाशों में उसके फ़रिश्ते उसकी प्रशंसा करते हैं, और धरती पर उसकी मखलूक़ात उसकी प्रशंसा करती हैं। और तुम उसकी पवित्रता बयान करो, जब तुम शाम में प्रवेश करते हो, जो कि अस्र की नमाज़ का समय है, तथा उसकी पवित्रता बयान करो, जब तुम ज़ुहर के समय में प्रवेश करते हो।