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الشورىआयत 19

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ٱللَّهُ لَطِيفٌۢ بِعِبَادِهِۦ يَرْزُقُ مَن يَشَآءُ ۖ وَهُوَ ٱلْقَوِىُّ ٱلْعَزِيزُ ﴿١٩﴾

अल्लाह अपने बंदों के प्रति दयालु है। वह जिसे चाहता है रोज़ी देता है, चुनाँचे उसकी रोज़ी में विस्तार कर देता है, तथा वह जिसके लिए चाहता है, अपनी हिकमत और दया की अपेक्षाओं के अनुसार, उसकी रोज़ी को तंग कर देता है। वह ऐसा शक्तिशाली है जिसे कोई पराजित नहीं कर सकता, ऐसा प्रभुत्वशाली है जो अपने दुश्मनों से बदला लेता है।