तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مِّن وَرَآئِهِمْ جَهَنَّمُ ۖ وَلَا يُغْنِى عَنْهُم مَّا كَسَبُوا۟ شَيْـًٔا وَلَا مَا ٱتَّخَذُوا۟ مِن دُونِ ٱللَّهِ أَوْلِيَآءَ ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ ﴿١٠﴾
उनके आगे जहन्नम की आग है, जो आख़िरत में उनकी प्रतीक्षा कर रही है। और उनके कमाए हुए धन उन्हें अल्लाह की यातना से बचाने में कुछ काम न आएँगे और न ही वे मूर्तियाँ उनके कुछ काम आ सकेंगी, जिनकी वे अल्लाह के सिवा पूजा किया करते थे। तथा उनके लिए क़ियामत के दिन बड़ी यातना है।