×
الجاثيةआयत 9

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَإِذَا عَلِمَ مِنْ ءَايَـٰتِنَا شَيْـًٔا ٱتَّخَذَهَا هُزُوًا ۚ أُو۟لَـٰٓئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ مُّهِينٌ ﴿٩﴾

जब उसे क़ुरआन की कोई बात पहुँचती है, तो उसे उपहास का सामान बनाकर उसकी हँसी उड़ाता है। यही क़ुरआन की हँसी उड़ाने वाले लोग हैं, जिनके लिए क़ियामत के दिन अपमानजनक यातना है।