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قआयत 33

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

مَّنْ خَشِىَ ٱلرَّحْمَـٰنَ بِٱلْغَيْبِ وَجَآءَ بِقَلْبٍ مُّنِيبٍ ﴿٣٣﴾

जो परोक्ष में अल्लाह से डरा, जहाँ उसे अल्लाह के सिवा कोई नहीं देखता, और अल्लाह से ऐसे शुद्ध हृदय के साथ मिला, जो अल्लाह की ओर ध्यान करने वाला और उसकी ओर बहुत ज़्यादा लौटने वाला है।