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قआयत 34

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ٱدْخُلُوهَا بِسَلَـٰمٍ ۖ ذَٰلِكَ يَوْمُ ٱلْخُلُودِ ﴿٣٤﴾

उनसे कहा जाएगा : जिस चीज़ को तुम नापसंद करते हो, उससे सुरक्षा और सलामती के साथ जन्नत में प्रवेश कर जाओ। यही हमेशा रहने का दिन है, जिसके बाद कोई विनाश नहीं है।